चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को मजबूत करने और शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सभी घरों और प्रतिष्ठानों के लिए चार-बिन सिस्टम के तहत कचरा अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान किया जाएगा। यह निर्णय नगर निगम आयुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में स्पेशल कमिश्नर प्रदीप कुमार, संयुक्त आयुक्त हिमांशु गुप्ता समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नए निर्देशों के अनुसार शहरवासियों को कचरे को स्रोत पर ही चार अलग-अलग डिब्बों में विभाजित करना होगा। रसोई के गीले कचरे के लिए हरा डिब्बा, कागज, प्लास्टिक और धातु जैसे सूखे कचरे के लिए नीला डिब्बा, घरेलू खतरनाक कचरे के लिए काला डिब्बा तथा इस्तेमाल किए गए मास्क, दस्ताने, पट्टियां और एक्सपायर्ड दवाओं जैसे बायोमेडिकल व सैनिटरी कचरे के लिए लाल डिब्बा रखना अनिवार्य होगा। नगर निगम जल्द ही इसके लिए विशेष जांच अभियान शुरू करेगा। कचरा मिलाने या निर्धारित व्यवस्था का पालन न करने वाले घरों, दुकानदारों और संस्थानों पर संबंधित नगरपालिका प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाना, पुनर्चक्रण की दक्षता बढ़ाना, लैंडफिल पर दबाव कम करना और स्वच्छ व टिकाऊ शहर की दिशा में आगे बढ़ना है। निगम ने शहरवासियों से नियमों का पालन कर सहयोग करने की अपील की है।