चंडीगढ़ दमकल विभाग में फायरमैन भर्ती घोटाले मामले में नगर निगम और पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर निगम ने 22 फायरमैनकर्मियों का पुलिस को रिकॉर्ड हीं नहीं दिया।
फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सीएफएसएल रिपोर्ट में पता चला कि पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए तीन फायरमैन कर्मियों की हैंडराइटिंग मैच नहीं हुई। पुलिस ने एएसआई भर्ती परीक्षा में सोनीपत निवासी सतीश को असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
नगर निगम ने पुलिस को 248 फायरमैनों का रिकॉर्ड दिया था। इनमें से 241 कर्मी अदालत में नमूने देने पहुंचे, जबकि 7 नहीं आए। पुलिस का कहना है कि फिंगरप्रिंट जांच के लिए नमूने दिल्ली या फिल्लौर भेजेगी, जबकि हैंडराइटिंग सैंपल सेक्टर-36 सीएफएसएल को भेजे जाएंगे। इससे असली और डमी उम्मीदवारों का खुलासा होगा। लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने रिकॉर्ड सीएफएसएल नहीं भेजा।
एएसआई की लिखित परीक्षा में पकड़े गए सतीश की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में फायरमैन भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसके बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस ने 4 मार्च 2024 को गोपनीय एफआईआर दर्ज की थी। इसमें सोनीपत के गांव बजाणा निवासी दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार सतीश ने बताया था कि उसने और सोमवीर ने लगभग 60 लोगों को फायरमैन भर्ती करवाया था, लेकिन पुलिस जांच तीन आरोपियों तक ही सीमित रही।
साल 2022 में 273 पदों पर फायरमैन भर्ती हुई थी। पुलिस के नोटिस के बाद दमकल विभाग ने सिर्फ 248 फायरमैन कर्मियों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया। तीन गिरफ्तार कर्मियों का रिकॉर्ड पहले ही पुलिस के पास था। लेकिन अब भी 22 फायरमैन कर्मियों का रिकॉर्ड नगर निगम ने नहीं दिया है।
इनमें से पुलिस ने 241 फायरमैन कर्मियों के अदालत में सैंपल लिए, जबकि 7 कर्मचारी जांच में शामिल नहीं हुए। नगर आयुक्त से पूछने पर उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कुछ नहीं कर रहे, जो भी डेटा मांगा गया था वह दे दिया गया है। सवाल यह है कि क्या नगर आयुक्त मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। 273 में से सिर्फ 241 कर्मचारी ही सैंपल देने पहुंचे हैं।
पूरी रिपोर्ट पुलिस को दे दी गई है। हमारी तरफ से इस मामले में अब कुछ भी नहीं किया जा रहा है। जो भी करना है, अब पुलिस करेगी। हमने जो रिपोर्ट और डेटा मांगा गया था, उपलब्ध करा दिया है। - अमित कुमार, नगर आयुक्त
मेरे अंडर डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन नहीं है। एसएचओ इस मामले को देख रहे हैं। जांच जारी है। - आईपीएस अनुराग दारू, एएसपी साउथ
7 फायरमैन नमूने देने नहीं पहुंचे हैं, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। नगर निगम ने हमें 248 फायरमैन कर्मियों का रिकॉर्ड दिया था। तीन का रिकॉर्ड पहले आ चुका था। बाकी 22 कर्मियों का रिकॉर्ड भी लिया जाएगा। अगर नौकरी छोड़कर चले गए हैं, तब भी उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। - जेपी सिंह, थाना प्रभारी, सेक्टर-36