चंडीगढ़। शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम ने बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं, आवासीय सोसाइटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कचरे का स्रोत पर ही चार श्रेणियों में पृथक्करण करना अनिवार्य होगा। इसमें गीला कचरा (बायोडिग्रेडेबल), सूखा रिसाइकिल योग्य कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा और सेनिटरी वेस्ट शामिल हैं।
नगर निगम की ओर से नए ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत आयोजित विशेष संवेदीकरण कार्यशाला में यह जानकारी दी गई। संयुक्त आयुक्त बलबीर राज की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में विभिन्न संस्थानों, आरडब्ल्यूए और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंदरदीप कौर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बलबीर राज ने सभी हितधारकों से नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य चंडीगढ़ के कचरा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत सभी संबंधित संस्थानों और सोसायटियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा।
डॉ. इंदरदीप कौर ने पर्यावरणीय स्थिरता के लिए विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन और प्रभावी स्रोत पृथक्करण के महत्व पर जोर दिया। नगर निगम ने बताया कि आने वाले दिनों में मार्केट एसोसिएशनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आरडब्ल्यूए के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके और शहर को स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाया जा सके।