प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ओमान यात्रा से पहले भारत में ओमान के राजदूत जीवी श्रीनिवास ने कहा है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और अब दोनों देश ग्रीन हाइड्रोजन, सतत विकास और भविष्य की तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बेहद समयानुकूल है। आठ वर्षों बाद हो रही इस यात्रा से पहले दिसंबर 2023 में ओमान के सुल्तान भारत आए थे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का शीर्ष नेतृत्व व्यापार, आर्थिक संबंधों और समग्र सहयोग को नई दिशा और गति देने का काम करेगा।
राजदूत ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा भले ही 24 घंटे से कम की होगी, लेकिन कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहेगा। पीएम मोदी ओमान के सुल्तान से एक-से-एक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इसके अलावा, मोदी एक बिजनेस समिट में हिस्सा लेंगे और भारतीय समुदाय के साथ संवाद करेंगे। इस बार प्रधानमंत्री ओमान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि ओमान में सीबीएसई शिक्षा प्रणाली के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी चर्चा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि भारत-ओमान संबंध अत्यंत परिपक्व हैं और राजनीतिक संपर्कों के साथ-साथ रक्षा, सुरक्षा और तीनों सेनाओं के बीच सहयोग व संयुक्त अभ्यास तक फैले हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रवाना होने से पहले बयान में कहा कि वह मस्कट में ओमान के सुल्तान से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी और मजबूत वाणिज्यिक व आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ओमान में भारतीय प्रवासी समुदाय ने देश के विकास और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है।