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जानिए क्रेडिट स्कोर से संबंधित छह ऐसी गलतफहमियां जो बन सकती हैं बड़ी समस्या

Sun, 07 Apr 2019 05:43 PM IST
Gaurav Pandey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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क्रेडिट कार्ड और ऋण (लोन) को मंजूरी देने की प्रक्रिया में क्रेडिट स्कोर एक अहम हिस्सा है। ऋण की ब्याज दर तय करने और इसे मंजूरी दिए जाने की पड़ताल करने में तो क्रेडिट स्कोर का इस्तेमाल किया ही जाता है, इसके साथ-साथ नौकरी के लिए आवोदन करने वालों की पड़ताल के लिए भी क्रेडिट स्कोर का इस्तेमाल किया जाने लगा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बीमा प्रीमियम और रोजमर्रा की सेवाओं की कीमतें तय करने में भी क्रेडिट स्कोर का इस्तेमाल किया जाएगा। 

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क्रेडिट स्कोर के बढ़ते महत्व के बावजूद ज्यादातर लोगों को क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इस वजह से इसके बारे में कई गलतफहमियां शुरू हो गई हैं और लोग इसका महत्व नहीं समझ पाते हैं। हम आपके लिए लाए हैं क्रेडिट स्कोर के बारे में ऐसी जानकारियां जिससे आप इन गलतफहमियों से खुद को बचा सकते हैं और बेहतर क्रेडिट स्कोर बना सकते हैं। 

1. क्रेडिट स्कोर पर निगरानी रखने की जरूरत सिर्फ ऋण आवेदक को है

अक्सर लोग यह मानते हैं कि क्रेडिट स्कोर पर निगरानी रखने की जरूरत सिर्फ उसे है जिसने ऋण के लिए आवेदन किया है। यह एक बड़ी गलतफहमी है। दरअसल, क्रेडिट रिपोर्ट में ऋण देने वाली कंपनी की ओर से या क्रेडिट ब्यूरो में ही किसी गलती के चलते गलत जानकारी दर्ज हो सकती है। इसकी वजह से आपका क्रेडिट स्कोर कम हो सकता है और भविष्य में आपके क्रेडिट कार्ड और ऋण पात्रता पर गलत असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट पर नजर बनाए रखें। 

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में ऋण और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सभी गतिविधियां दर्ज होती हैं, इसलिए समय-समय पर रिपोर्ट देखते रहने से इन गलतियों को भी सही किया जा सकेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार सभी क्रेडिट ब्यूरो से अपनी मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट जरूर लेनी चाहिए। इसके लिए आप ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस पर जाकर भी मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट और मासिक अपडेट पा सकते हैं। इससे आपको प्री-अप्रूव्ड लोन एवं क्रेडिट कार्ड संबंधी ऑफर पाने में भी सहायता मिलेगी।

2. ऋण न लेने से बढ़ता है क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर की गणना आपके ऋण और क्रेडिट कार्ड की गतिविधियों के आधार पर की जाती है। किसी क्रेडिट हिस्ट्री के बगैर आपके पास कोई क्रेडिट स्कोर नहीं होगा। ऐसा होने पर ऋण देने वाली कंपनियों के लिए आपकी ऋण विश्वसनीयता की जांच करना कठिन हो जाता है। 

ऐसी स्थिति में ऋणदाता कंपनी आपको जोखिम भरा ऋण या क्रेडिट कार्ड आवेदक करार दे देंगो। ऐसा होने पर आपको ऋण मिलने की या क्रेडिट कार्ड के लिए मंजूरी मिलने की संभावना कम हो जाती है। बिना ऋण लिए या ब्याज चुकाए बिना क्रेडिट स्कोर बनाने का सबसे अच्छा तरीका क्रेडिट कार्ड लेना है, लेकिन जरूरी है कि आप उसका बिल समय पर चुकाएं।

3. क्रेडिट रिपोर्ट मंगवाने से घट जाता है क्रेडिट स्कोर

जब आप ऋण लेने के लिए या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो वह कंपनी आपकी विश्वसनीयता जांचने के लिए क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट मंगवाती है। ऋणदाता कंपनी द्वारा मांगी जाने वाली क्रेडिट रिपोर्ट को हार्ड इंक्वायरी माना जाता है। ऐसे हर आग्रह से आपका क्रेडिट स्कोर कुछ अंक कम हो जाता है। 

वहीं, अपनी क्रेडिट रिपोर्ट के लिए खुद किए जाने वाले आग्रह को सॉफ्ट इंक्वायरी माना जाता है। अपनी क्रेडिट रिपोर्ट पाने के लिए खुद किए जाने वाले आग्रह से आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता है।

4. क्रेडिट कार्ड बंद कराने से बढ़ता है क्रेडिट स्कोर

ऋण देने वाली कंपनियां ऐसे लोगों को ऋण देना पसंद करती हैं जिनका क्रेडिट उपयोग अनुपात 30 फीसद या कम हो। यह अनुपात आपकी कुल क्रेडिट सीमा में से खर्च की गई राशि होती है। क्रेडिट कार्ड बंद करवाने से आपकी कुल क्रेडिट लिमिट कम हो जाती है।
 
वहीं, क्रेडिट कार्ड से उतना ही खर्च करते रहने से आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात बढ़ता जाता है। इसके साथ ही पुराना क्रेडिट कार्ड बंद कराने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की औसत अवधि भी घटती है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर पहले से ही कम है तो क्रेडिट कार्ड बंद कराना गलत कदम होगा। 

5. बकाया ऋण चुका देने से क्रेडिट रिपोर्ट से इसकी सूचना हट जाएगी

कई लोग यह मानते हैं कि अपना पुराना बकाया ऋण चुका देने से क्रेडिट रिपोर्ट से इसकी जानकारी हटा दी जाएगी। यह एक गलतफहमी है। दरअसल, असल में बंद कराए गए क्रेडिट कार्ड और लोन अकाउंट की जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में लगभग पांच से छह साल तक रहती है। 

इस बात की पूरी कोशिश करें कि अपने क्रेडिट कार्ड अथवा ऋण के किसी भी भुगतान में देरी या कोई गलती न हो। देरी से भुगतान या भुगतान न करने की हर घटना आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में लंबे समय तक दर्ज रहेगी, फिर भले ही आपने अपना क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट बंद ही क्यों न करा दिया हो।
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6. किसी अन्य व्यक्ति के ऋण में सह-आवेदक बनने से क्रेडिट स्कोर कम नहीं होता 

यदि आप किसी व्यक्ति के ऋण की गारंटी लेते हैं या फिर उस ऋण के लिए सह-आवेदक बनते हैं तो इस ऋण को चुकाने के लिए आपकी भी बराबर जिम्मेदारी होगी। प्राथमिक आवेदक द्वारा कोई भी भुगतान देरी से करने या चूकने पर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में भी यह जानकारी दर्ज होगी। इससे आपका क्रेडिट स्कोर घट हो सकता है। इसलिए, ऐसे किसी भी ऋण के लिए किए जाने वाले भुगतान पर नजर जरूर रखें। 

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