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नेट न्यूट्रिलिटी पर ट्राई का अंतिम फैसला दो माह में

Wed, 23 Mar 2016 03:34 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले माह नेट न्यूट्रिलिटी को लेकर हुआ था काफी विवाद
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विस्तार
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नेट निरपेक्षता (न्यूट्रिलिटी) को लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सक्रियता बढ़ गई है। ट्राई अगले एक-दो महीने में नेट निरपेक्षता के संबंध में अपने विचार को अंतिम रूप दे सकता है। पिछले साल नेट निरपेक्षता को लेकर काफी विवाद हुआ था। तब इस मामले को ट्राई के हवाले कर दिया गया था।
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ट्राई के अध्यक्ष आरएस शर्मा के मुताबिक दूरसंचार विभाग ने नेट निरपेक्षता पर हमसे विस्तृत विचार मांगा है। इस काम को दो-एक महीने में पूरा किया जा सकता है। नेट निरपेक्षता का अर्थ है एप्लिकेशन और सामग्री के लिहाज से इंटरनेट सेवा प्रदाता किसी के साथ कोई भेदभाव न करें। यह बहस तब शुरू हुई जब एयरटेल ने इंटरनेट आधारित कॉल के लिए अलग से शुल्क लगाने का फैसला किया था, लेकिन इस फैसले पर भारी विरोध के बाद एयरटेल ने अपनी योजना वापस ले ली।

 इंटरनेट विशेषज्ञों और इस संबंध में काम करने वालों ने इंटरनेट शून्य शुल्क वाले एयरटेल जीरो और फेसबुक के फ्री बेसिक्स का विरोध किया था। गत फरवरी में ट्राई ने इंटरनेट सेवा के भेदभाव पूर्ण शुल्क निर्धारण की व्यवस्था पर प्रतिबंध लगा दिया। संचार मंत्रालय को अब इस मामले में ट्राई की रिपोर्ट का इंतजार है। वैसे संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद इस बात को कई बार कह चुके हैं कि इंटरनेट मानव मस्तिष्क की खूबसूरत उपज है और इसके इस्तेमाल में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
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