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Jio IPO Allotment Status Live: शेयरों के अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर क्या अपडेट; मुनाफे के बारे में क्या अनुमान?

Tue, 27 Oct 2026 05:23 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के अलॉटमेंट का इंतजार खत्म हो गया है। शेयर अलाॅट करने की प्रक्रिया पूरी हो रही है।
  • 21 से 23 अक्तूबर 2026 तक खुले इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों की तरफ से बंपर रिस्पॉन्स मिला
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जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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देश के सबसे बड़े प्राथमिक शेयर निर्गम जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ (Jio IPO) के अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निवेशकों की नजरें इसके स्टॉक एक्सचेंज डेब्यू पर टिक गई हैं। 21 अक्तूबर से 23 अक्तूबर 2026 के दौरान बोली के लिए खुला 30,187.65 करोड़ रुपये का यह आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

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कंपनी ने अपने शेयर का कट-ऑफ प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जिसकी 28 अक्तूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्टिंग होने जा रही है। ऐसे में जिन निवेशकों को अलॉटमेंट में शेयर हासिल नहीं हुए हैं, उनके लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे लिस्टिंग के दिन ही सेकेंडरी मार्केट से शेयर खरीदें या कीमत स्थिर होने का इंतजार करें।

आइए समझते हैं कि आप अपना अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं और आगे की पूरी टाइमलाइन क्या है।

जियो आईपीओ अलॉटमैंट स्टेटस कैसे चेक करें?

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के तीन आधिकारिक और पूरी तरह सुरक्षित तरीके हैं। आप इस आईपीओ के आधिकारिक रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजिस की वेबसाइट पर जाकर सीधे स्टेटस देख सकते हैं।

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इसके अलावा देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों- बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के आधिकारिक आईपीओ अलॉटमेंट पोर्टल्स पर जाकर भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।

जियो प्लेटफॉर्म आईपीओ का अलॉटमेंट रिजल्ट कब आएगा?

शेड्यूल के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्तूबर 2026 (सोमवार) से शुरू किया गया।

आमतौर पर रजिस्ट्रार के पास डेटा प्रोसेसिंग में थोड़ा समय लगता है, इसलिए अलॉटमेंट का फाइनल रिजल्ट 26-27 अक्तूबर की देर शाम या आधी रात तक आधिकारिक तौर पर ऑनलाइन लाइव हो जाएगा।

जियो आईपीओ का स्टेटस पैन नंबर से कैसे चेक करें?

  • पैन  नंबर से स्टेटस चेक करना सबसे आसान तरीका है। इसके लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
  • रजिस्ट्रार या बीएसई या एनएसई के अलॉटमेंट पेज पर जाएं।
  • ड्रॉपडाउन लिस्ट में से कंपनी का नाम 'Jio Platforms Limited' चुनें। क्वैरी टाइप में 'PAN' का विकल्प चुनें।
  • अपना 10 अंकों का परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड या सुरक्षा कोड भरें और 'Submit' पर क्लिक करें।
  •  आपके सामने आपकी अलॉटमेंट स्थिति आ जाएगी कि आपको शेयर मिले हैं या नहीं

जियो आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस का डायरेक्ट लिंक क्या है?

जियो आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस जांचने के लिए आप सीधे इन ऑफिशियल लिंक्स पर जा सकते हैं:

  • KFintech (रजिस्ट्रार लिंक): https://ipostatus.kfintech.com
  • BSE डायरेक्ट लिंक: https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx
  • NSE डायरेक्ट लिंक: https://www.nseindia.com/investors/check-trades-bids-verify-ipo-bids

जियो प्लेटफॉर्म आईपीओ में मुझे शेयर मिले या नहीं, कैसे पता करें?

जैसे ही आप ऊपर दिए गए डायरेक्ट लिंक पर जाकर अपना पैन नंबर डालेंगे, स्क्रीन पर आपको अलॉटमेंट की डिटेल दिखेगी। अगर वहां 'Shares Allotted' के आगे '12' (या आपके द्वारा एप्लाई किए गए लॉट के मल्टीपल में) लिखा आता है, तो इसका मतलब है कि आपको शेयर मिल चुके हैं। इसके अलावा, सफल अलॉटमेंट होने पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर एनएसडीएल/सीडीएसएल और आपके ब्रोकर की तरफ से कन्फर्मेशन मैसेज भी आ जाएगा।

जियो आईपीओ का अलॉटमेंट केफिन टेक्नोलॉजिज पर कैसे चेक करें?

चूंकि KFin Technologies इस आईपीओ की आधिकारिक रजिस्ट्रार है, इसलिए सबसे पहले रिजल्ट यहीं अपडेट होता है।

  • केफिनटेक के अलॉटमेंट पोर्टल (ipostatus.kfintech.com) पर जाएं, वहां उपलब्ध 5-6 सर्वर लिंक्स में से किसी एक को चुनें।
  • इसके बाद 'Select IPO' में जियो प्लेटफॉर्म्स का चयन करें, अपना पैन नंबर या एप्लिकेशन नंबर डालें और सबमिट कर दें।

आईपीओ का आकार और सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा कैसा रहा?

जिओ प्लेटफॉर्म्स का यह पब्लिक इश्यू भारतीय प्राथमिक बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ रहा है, जिसके तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी कर 30,187.65 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न निवेशक श्रेणियों में इस इश्यू को 22.19 गुना ओवरऑल सब्सक्रिप्शन मिला। 

सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के अनुसार:

  • कुल इश्यू साइज: 30,187.65 करोड़ रुपये (27 करोड़ फ्रेश शेयर)।
  • सब्सक्रिप्शन दर: 22.19 गुना (सभी श्रेणियों में मजबूत मांग)।
  • इश्यू प्राइस: 1,119 रुपये प्रति शेयर।
  • लिस्टिंग शेड्यूल: 28 अक्तूबर 2026 (एनएसई और बीएसई पर)।

लिस्टिंग के दिन विश्लेषकों का क्या अनुमान है?

ईटी ने सेबी-रजिस्टर्ड फंडामेंटल एनालिस्ट अम्बरीश बालिगा के हवाले से बताया, इस आईपीओ में संस्थागत निवेशकों की मांग उम्मीद से कहीं अधिक रही। हालांकि, अब मुख्य सवाल यह है कि क्या यह मांग सेकेंडरी मार्केट में भी बनी रहेगी। 

बालिगा ने बताया कि जहां ग्रे मार्केट में 20 से 22 प्रतिशत प्रीमियम के संकेत मिल रहे थे, वहीं वे इश्यू के विशाल आकार को देखते हुए 8 से 10 प्रतिशत के सीमित लिस्टिंग प्रीमियम की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि 10 प्रतिशत प्रीमियम पर भी बाजार में मुनाफावसूली के कारण बिकवाली का दबाव आ सकता है, क्योंकि कई निवेशकों ने केवल लिस्टिंग गेन हासिल करने के उद्देश्य से आवेदन किया था।

जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिले उन्हें क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

जिन निवेशकों को अलॉटमेंट नहीं मिला है, उन्हें शुरुआती उछाल के दौरान शेयर के पीछे भागने से बचना चाहिए। अम्बरीश बालिगा का सुझाव है कि यदि शेयर लिस्टिंग के बाद अपने शुरुआती लाभ को बरकरार रखने में विफल रहता है, तो निवेशकों को आईपीओ प्राइस (₹1,119) के करीब एंट्री की तलाश करनी चाहिए।

उनकी रणनीति के अनुसार:

  • यदि शेयर 8 से 10 प्रतिशत ऊपर खुलकर करेक्ट होना शुरू होता है, तो वह खरीदारी का सही समय हो सकता है।
  • यदि शुरुआती स्तर पर मांग सुस्त पड़ती है, तो संस्थागत सप्लाई शांत होने तक इंतजार करना बेहतर रहेगा।

क्या शुरुआती तेजी के बाद गिरावट और प्रॉफिट बुकिंग की भी आशंका है?

ईटी के अनुसार, अविनाश मेंटर रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक एवं रिसर्च हेड अविनाश गोरक्षकर ने अलॉटमेंट से चूके निवेशकों को शुरुआती कारोबारी सत्रों में जल्दबाजी में खरीदारी न करने की सलाह दी है।  गोरक्षकर का मानना है कि लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर तेजी से ऊपर की ओर कदम बढ़ा सकता है, लेकिन उसके बाद उसमें मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेशकों को पहले शेयर की कीमत को स्थिर होने देना चाहिए और उसके बाद ही बाजार के रुख को देखकर सेकेंडरी मार्केट में प्रवेश करना चाहिए।

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में लिस्टिंग के दिन एंट्री लेने का फैसला पूरी तरह से शेयर के ओपनिंग प्राइस और शुरुआती सत्रों के ट्रेडिंग पैटर्न पर निर्भर करेगा। बाजार विशेषज्ञों की राय स्पष्ट है कि निवेशकों को ऊंचे भाव पर फोमो का शिकार होने के बजाय लिस्टिंग प्राइस के स्थिर होने या फिर आईपीओ प्राइस के समीप करेक्शन आने का धैर्यपूर्वक इंतजार करना चाहिए।

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