गुरुग्राम में एक आवारा कुत्ते का ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और राहत भी महसूस कर रहे हैं। मामला सोहना रोड के पास सुभाष चौक का बताया जा रहा है, जहां एक सुनसान इमारत की 12वीं मंजिल पर एक स्ट्रीट डॉग फंसा हुआ मिला। इतनी ऊंचाई पर उसे देखकर आसपास के लोगों के होश उड़ गए। सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर यह कुत्ता 12वीं मंजिल तक पहुंचा कैसे? पास की इमारत में रहने वाले एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर की नजर बुधवार सुबह सामने स्थित खाली इमारत पर पड़ी। उन्होंने देखा कि एक कुत्ता 12वीं मंजिल के छोटे छज्जे या विस्तारित छत पर फंसा हुआ है। ऊंचाई इतनी अधिक थी कि उसके लिए अपने आप नीचे उतरना संभव नहीं था।
112 पर कॉल कर बुलाई गई मदद
कुत्ते को इस हालत में देखकर तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर सूचना दी गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम से संपर्क किया गया। सूचना मिलने के करीब 30 मिनट बाद हरियाणा फायर सर्विसेज की टीम मौके पर पहुंची। पीसीआर टीम ने भी रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया। फायर कर्मियों ने सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू किया और काफी सतर्कता से कुत्ते को नीचे उतारा। आखिरकार उसे सुरक्षित जमीन पर लाया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में कुत्ते को कोई चोट नहीं आई।
पूंछ हिलाकर जताई खुशी
वीडियो में रेस्क्यू के दौरान कुत्ता लगातार अपनी पूंछ हिलाता नजर आया। लोगों को ऐसा लगा मानो उसे भी समझ आ गया हो कि अब वह सुरक्षित जगह पहुंचने वाला है। जमीन पर आते ही वह खुश दिखाई दिया और बाद में उसे वापस उसी इलाके में छोड़ दिया गया। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर एक आवारा कुत्ता 12वीं मंजिल तक पहुंचा कैसे। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि सुनसान इमारत में उसे ऊपर जाने का रास्ता कहां से मिला। वहीं कुछ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की बात भी कही, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ने उसे जानबूझकर ऊपर तो नहीं छोड़ा था।
रेस्क्यू टीम की जमकर तारीफ
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग फायर सर्विस और रेस्क्यू टीम की तारीफ कर रहे हैं। वहीं एक यूजर का मजेदार कमेंट सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, “डोगेश भाई, दोबारा ऐसा करने की कोशिश मत करना।” इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आम लोगों की सतर्कता और समय पर की गई सूचना किसी भी जानवर की जान बचाने में कितनी अहम हो सकती है। सुनसान और अधूरी इमारतों में जानवरों के फंसने का खतरा बना रहता है, ऐसे में समय पर मदद पहुंचना बेहद जरूरी है।