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Bihar: मुखिया और वार्ड सदस्य को शक्तियां मिलेंगी; नई नियमावली में क्या मिला नीतीश कुमार सरकार से आश्वासन

Mon, 23 Feb 2026 01:47 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : त्रिस्तरीय निकाय चुनाव से चुनकर आने वाले वार्ड सदस्यों और मुखिया को नए वित्तीय वर्ष से कुछ शक्तियां मिल सकती हैं। सरकार ने विधान परिषद् में कई मुद्दों पर मांग को देखते हुए आश्वासन दिया। जानिए, क्या थे मुद्दे, क्या मिला आश्वासन।
 
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मंत्री दीपक प्रकाश ने एमएलसी महेश्वर सिंह के सवालों का दिया जवाब। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस साल के अंत में होने वाले निकाय चुनावों के पहले बिहार विधान परिषद् में वार्ड सदस्यों की शक्तियों को लेकर बड़ी मांग सामने आई। कहा गया कि यह जन प्रतिनिधि तो चुने जाते हैं, लेकिन काम कराने की वित्तीय शक्तियां और यहां तक कि अनुशंसा का भी अधिकार नहीं रहता है। मुखिया को वित्तीय अधिकार मिला है तो उन्हें काम कराने की शक्तियां नहीं। ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती से जुड़े इन मुद्दों पर बिहार विधान परिषद् में आखिरकार नीतीश कुमार सरकार को आश्वासन देना पड़ा कि पहली अप्रैल से लागू होने वाली नई नियमावली में इस हिसाब से बदलाव किया जाएगा।

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सरकार मुखिया और सरपंच को अधिकार दे
एमएलसी कुमार नागेंद्र ने कहा कि हमलोग चाहते हैं कि वार्ड सदस्यों को कुछ शक्तियां मिलनी चाहिए। मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत को जो राशि मिलती है, उसे पंचायती राज विभाग देखता है। मनरेगा से जो राशि मिलती है, उसे ग्रामीण विकास विभाग मिलता है। अप्रैल से नई नियमावली आने वाली है, उसमें सदस्यों की मांग पर केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे कि वार्ड सदस्यों को अधिकार दिया जाएग। एमएलसी महेश्वर सिंह ने कहा कि वार्ड सदस्य की तरह मुखिया को भी कोई अधिकार नहीं है। यहां तक कि वह एक सोलर लाइट तक नहीं लगा सकते हैं। पंचायती राज विभाग पटना से लाइट भेजते हैं। आखिर क्या घपला है? मेरा सदन से आग्रह है कि सरकार वार्ड सदस्य, मुखिया और सरपंच को अधिकार दे। एमएलसी सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि किसी भी पंचायत में सोलर लाइट ठीक से काम नहीं करता है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। 
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पंचायती राज मंत्री ने क्या कहा?
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ग्राम सभा में जो प्रस्ताव आता है, उस पर कार्य किया जाता है। ग्राम पंचायत की बैठक में हर निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। वार्ड सदस्य भी बैठकों में जाएं। मुखिया पर वार्डों में बराबर काम करने का आरोप लगता है। इस पर मैं कहना चाहता हूं कि वार्ड सदस्य ग्राम सभा की बैठक में जरूर जाएं। अगर वह बैठक में नहीं जाएंगे तो काम कैसे होगा? एमएलसी कुमार नागेंद्र और एमएलसी माहेश्वर सिंह ने जो मांगें की है उस पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। अप्रैल माह से नई नीति लागू होगी। सरकार आश्वासन देती है मुखिया और वार्ड सदस्य को अधिकार दिया जाएगा। 


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