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Ratnesh Sada: मंत्री का माला पहने बैठे रह गए; क्या इस कारण जदयू ने मंत्रियों की पहली सूची से बाहर रखा?

Thu, 20 Nov 2025 03:47 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Minister List 2025: बिहार सरकार के मंत्री रहे रत्नेश सदा का फूल-माला से स्वागत हो रहा था, लेकिन शपथ के लिए कॉल नहीं आया। इसका डर उन्हें नहीं हो शायद, लेकिन चुनाव परिणाम देखकर ऐसी आशंका लग रही थी।
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रत्नेश सदा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार की पिछली सरकार के कई मंत्रियों को पहली सूची में नहीं जगह मिली। उनमें से कुछ खुद को उप मुख्यमंत्री का भी दावेदार बता रहे थे। तैयारी के बावजूद किनारे रह गए लोगों में चर्चित नाम रत्नेश सदा का है। वह जदयू कोटे से मंत्री थे। पिछली बार जब हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा महागठबंधन सरकार से निकला था, तब संतोष कुमार सुमन ही जगह रत्नेश सदा मंत्री बनाए गए थे।
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क्यों नहीं बन पाए मंत्री
2020 के जनादेश के तहत जब पिछले साल एनडीए सरकार वापस आई तो भी रत्नेश सदा सूची में थे। इस बार भी जीते, लेकिन हर जगह एनडीए के लिए सकारात्मक माहौल के बीच उनके जिले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सीटें घट गईं। सहरसा की 04 में से 03 सीटें एनडीए के पास थीं। यहीं से सोनवर्षा के जदयू विधायक रत्नेश सदा मंत्री थे। इस बार यहां एनडीए की सीटें घटकर 02 पर आ गईं। 

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बलिया सिमर गांव के मूल निवासी

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54 साल के रत्नेश सदा सहरसा के महिषी प्रखंड की कुंदह पंचायत के बलिया सिमर गांव के मूल निवासी हैं। उनके पिता एक किसान थे। रत्नेश सदा तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं और उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और तीन बेटे शामिल हैं। 2009 में सहरसा के पटेल मैदान में आयोजित महादलित सम्मेलन के बाद रत्नेश सदा एक प्रमुख महादलित नेता के रूप में उभरे थे। जदयू से जुड़ने से पहले, वे एक ग्रामीण चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते थे। 

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