बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2026 समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार संग्रहालय द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। साथ ही पटना संग्रहालय में मिथिला कला पर आधारित कालजयी चित्रकला प्रदर्शनी का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय के बहुउद्देशीय सभागार में भारत के कालजयी कलाकारों और लोक कला पर आधारित अस्थायी प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया।
पुस्तकें प्रकाशित, कलाकारों का किया स्वागत
कार्यक्रम में बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। वहीं, राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम ने मुख्यमंत्री को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए पद्मश्री सम्मानित कलाकारों और प्रख्यात कला साधकों का बिहार की धरती पर स्वागत है। उन्होंने कहा कि बिहार ने भारत को स्वर्णिम काल दिया है और यह सभी के लिए गर्व का विषय है।
भोजपुरी से अंगिका तक, बिहार की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत केंद्र है। भोजपुरी, मैथिली, मगही, वज्जिका और अंगिका जैसी समृद्ध भाषाएं राज्य की सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने माता सीता, बाबा हरिहरनाथ और मौर्यकालीन विरासत को बिहार की अमूल्य धरोहर बताया।
उन्होंने कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा का प्रतीक था, जिसे आक्रांताओं ने नष्ट कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्स्थापन भारत की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
‘युवा लोक कला और परंपराओं को जीवन का हिस्सा बनाएं’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से लोक कला, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय लोक कलाओं को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि बिहार की संस्कृति, सभ्यता और लोक कला को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल सके।
कला एवं संस्कृति मंत्री समेत कई अधिकारियों ने किया संबोधित
कार्यक्रम को कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह और कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के निदेशक अनिल कुमार, जिलाधिकारी कुंदन कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों और कला प्रेमियों ने भी हिस्सा लिया।