फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: खेत में पटवन के दौरान करंट लगने से दंपती की मौत, दो साल पहले बेटे की डूबने से गई थी जान; अनाथ हुए मासूम

Sat, 05 Sep 2026 11:38 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

पटना के भगवानगंज थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में खेत में पटवन के दौरान करंट लगने से पति-पत्नी की मौत हो गई। इस परिवार पर करीब दो वर्ष पहले भी त्रासदी आई थी, जब उनके 14 वर्षीय बेटे की डूबने से मौत हो गई थी। अब दंपती की मौत के बाद उनके छोटे बच्चों के सामने परवरिश और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। 
Register For Event
विज्ञापन
करंट लगने से पति-पत्नी की मौत - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड अंतर्गत भगवानगंज थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नरेंद्र कुमार (37 वर्ष) और उनकी पत्नी रुबी देवी (33 वर्ष) के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पति-पत्नी फूल की खेती करते थे। शुक्रवार को दोनों खेत में पटवन के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक बिजली के करंट की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
विज्ञापन


पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही भगवानगंज थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया। पुलिस की ओर से घटना के कारणों और बिजली का करंट लगने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

दो वर्ष पहले बेटे की डूबने से हुई थी मौत
ग्रामीणों के मुताबिक, इस परिवार पर इससे पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। करीब दो वर्ष पहले नरेंद्र कुमार और रुबी देवी के 14 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार की भगवानगंज क्षेत्र के मोरहर नदी स्थित डैम में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बेटे की मौत के दो वर्ष बीत जाने के बावजूद परिवार को मिलने वाली मुआवजा राशि अब तक नहीं मिल पाई है। हालांकि, मुआवजा नहीं मिलने के आरोप की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से नहीं हो सकी है।
विज्ञापन


अब माता-पिता की मौत के बाद बच्चों के सामने बड़ा सवाल
अब नरेंद्र कुमार और रुबी देवी दोनों की मौत के बाद परिवार में उनके छोटे बच्चे अकेले रह गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक दंपती के बच्चों की उम्र करीब 12 और 14 वर्ष है। ऐसे में बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले बेटे की मौत के बाद मुआवजा नहीं मिलने का मामला लंबित बताया जा रहा है और अब पति-पत्नी दोनों की मौत के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण प्रशासन और सरकार से मांग कर रहे हैं कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार जल्द से जल्द सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर भी उचित मदद की जाए।

ये भी पढ़ें-  बिहार में IAS अधिकारियों का फेरबदल: गुंजन सिंह बनीं सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक, और कौन-कौन अधिकारी कहां गए?

ग्रामीणों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
घटना के बाद ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए कई योजनाओं की बात करती है, लेकिन ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों तक सहायता समय पर पहुंचना जरूरी है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्या अब इन दोनों बच्चों को सरकारी मुआवजा और सहायता मिल पाएगी? परिवार के सामने खड़े इस संकट में प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर है।
विज्ञापन


एक परिवार पर लगातार दोहरी त्रासदी
करीब दो वर्ष पहले बेटे की मौत और अब पति-पत्नी दोनों की एक साथ मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। चैनपुर गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार की स्थिति को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ तत्काल सहायता पहुंचाने की मांग की है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें