पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड कार्यालय के पास 30 हजार रुपये रिश्वत लेते पंचायत रोजगार सेवक पप्पू कुमार उर्फ प्रफुल्ल कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से प्रखंड के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। टीम मनरेगा कार्यालय से योजना से संबंधित कई फाइलें भी अपने साथ ले गई।
छह लाख के मनरेगा कार्य के लिए मांगी थी रिश्वत
हजरतपुर मड़रो पंचायत की पंचायत समिति सदस्य जयमंती देवी के पति श्रवण चौधरी ने 25 सितंबर को पटना स्थित निगरानी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चेवाड़ा प्रखंड के कपासी गांव निवासी और हजरतपुर मड़रो पंचायत में तैनात पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार ने मिट्टी भराई और पेवर ब्लॉक लगाने से जुड़े छह लाख रुपये के मनरेगा कार्य के एवज में 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने 12 अक्टूबर को मामले की प्राथमिक जांच की। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को टीम ने जाल बिछाया। अरियरी प्रखंड कार्यालय के सामने स्थित कचरा निस्तारण केंद्र के पास जैसे ही पंचायत रोजगार सेवक ने 30 हजार रुपये स्वीकार किए, निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
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विशेष न्यायालय में होगी पेशी
गिरफ्तार पंचायत रोजगार सेवक को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम भागलपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश करेगी। इसके साथ ही ब्यूरो आरोपी की आय से अधिक संपत्ति के पहलू की भी गहन जांच करेगा। गौरतलब है कि पिछले महीने भी शेखपुरा के जिला परिवहन कार्यालय में एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।