हाइड्रोजन: भविष्य का ईंधन
गडकरी ने कहा कि हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह न केवल प्रदूषण रहित है, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा। फॉसिल फ्यूल के अत्यधिक आयात पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि देश को हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की लागत सिर्फ आयातित ईंधन पर लगती है, जो प्रदूषण को भी बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा, “प्रदूषण की वजह से आप सभी समस्या झेल रहे हैं, मैं भी दिल्ली में यही स्थिति देख रहा हूं। लेकिन वैकल्पिक ईंधन अपनाने के साथ भारत जल्द ही ऊर्जा का निर्यातक देश बन जाएगा।”
यह भी पढ़ें - HR88B8888: भारत की सबसे महंगी नंबर प्लेट की बोली रद्द, ₹1.17 करोड़ का भुगतान करने में नाकाम रहे शख्स की होगी जांच
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
ईंधन आयात पर भारी निर्भरता
2024-25 में भारत ने लगभग 300 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आयात किए, जबकि करीब 65 मिलियन मीट्रिक टन का निर्यात किया। वर्तमान में देश अपनी 88 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत और 51 प्रतिशत गैस की जरूरत आयात करके पूरी करता है।
गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी नीतियों को प्रोत्साहित कर रही है जो वैकल्पिक और बायोफ्यूल के उपयोग को बढ़ावा दें, ताकि देश लागत-कुशल, प्रदूषण-मुक्त और स्वदेशी ईंधन की ओर बढ़ सके।
यह भी पढ़ें - Car Air Purifier: क्या एयर प्यूरीफायर सच में आपकी कार के अंदर की हवा को साफ कर सकता है? जानें डिटेल्स
भारत की ऑटो इंडस्ट्री ने जापान को पीछे छोड़ा
गडकरी ने बताया कि भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार 22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे यह जापान को पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी ऑटो मार्केट बन गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले स्थान पर है (79 लाख करोड़ रुपये), जबकि चीन दूसरे स्थान पर (49 लाख करोड़ रुपये) है।
यह भी पढ़ें - Chinese Cars: चीन में बनी, लेकिन घरेलू बाजार में नहीं बिकी! बीजिंग दुनियाभर में बिना बिकी पेट्रोल कारों की बाढ़ क्यों ला रहा है?
गडकरी ने विश्वास जताया कि इलेक्ट्रिक वाहन और वैकल्पिक ईंधन के बढ़ते उपयोग के साथ भारत जल्द ही दुनिया की नंबर एक ऑटो इंडस्ट्री बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए सरकार इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी और बायोफ्यूल को तेजी से बढ़ावा दे रही है, और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग प्रणाली पर भी शोध जारी है।
यह भी पढ़ें - Safe Driving: आपकी जान बचा सकता है यह एक ड्राइविंग सीक्रेट! सड़क सुरक्षा का सबसे अनदेखा पहलू
यह भी पढ़ें - Car Headlights: चमकदार हेडलाइट्स से बढ़ती परेशानी, क्यों रात में गाड़ी चलाना हो रहा है मुश्किल भरा