कीमत बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे लॉजिस्टिक्स और कच्चे माल की लागत बढ़ गई है।
इसके अलावा, वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाएं और मुद्रा में उतार-चढ़ाव ने भी लागत को और बढ़ा दिया है।
इन कारणों से कंपनी के लिए सभी लागत खुद वहन करना मुश्किल हो गया है।
Maruti Suzuki Baleno Regal Edition
- फोटो : Maruti Suzuki
क्या ज्यादा मांग भी एक कारण है?
मारुति सुजुकी की छोटी कारों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
कंपनी के पास ऑर्डर बैकलॉग भी है, जिससे बिक्री तो बढ़ रही है लेकिन मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है।
यानी ज्यादा मांग के बावजूद कम मार्जिन कंपनी के लिए चुनौती बन रहा है।
किन मॉडलों पर असर पड़ सकता है?
इस सेगमेंट में Maruti Suzuki Celerio, Maruti Suzuki WagonR, Maruti Suzuki Swift, Maruti Suzuki Baleno और Maruti Suzuki Dzire जैसे मॉडल शामिल हैं।
मार्च 2026 में ही इस सेगमेंट की बिक्री 83,530 यूनिट्स रही, जबकि पूरे FY26 में यह आंकड़ा 9,20,393 यूनिट्स तक पहुंच गया।
Dzire FY26 की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी रही।
क्या पहले कंपनी ने कीमत बढ़ाने से बचाव किया था?
अब तक Maruti Suzuki ने कीमतें नहीं बढ़ाई थीं ताकि पहली बार कार खरीदने वाले और बजट ग्राहकों के लिए गाड़ियां सस्ती बनी रहें।
हालांकि, अन्य कंपनियां जैसे Tata Motors (टाटा मोटर्स), MG Motor (एमजी मोटर), BMW (बीएमडब्ल्यू) Mercedes-Benz (मर्सिडीज-बेंज) पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।
सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के लागू होने से कई एंट्री-लेवल मॉडलों की कीमतें भी अस्थायी रूप से कम हो गई थीं, जिससे बिक्री की मात्रा में बढ़ोतरी हुई।
क्या आगे कीमतों में बढ़ोतरी तय है?
मौजूदा परिस्थितियों में लागत का दबाव लगातार बना हुआ है और इसमें जल्द राहत के संकेत नहीं हैं।
ऐसे में उम्मीद है कि मारुति सुजुकी 2026 के दौरान अपनी छोटी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है, हालांकि कंपनी मांग और कीमत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।