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'रोबोटैक्सी' पर लगा ब्रेक: चीन ने नए लाइसेंस जारी करने पर लगाई रोक, बीच सड़क ठप हो गई थीं 100 से ज्यादा कारें

Wed, 29 Apr 2026 02:37 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

China Robotaxi Ban: चीन के वुहान शहर में 100 से ज्यादा रोबोटैक्सी (बिना ड्राइवर वाली कारें) के बीच सड़क पर अचानक ठप पड़ जाने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने ऑटोनॉमस व्हीकल्स के नए लाइसेंस जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। जानिए कैसे 'Baidu' कंपनी की कारों में आई एक तकनीकी खराबी ने चीन की 12 अरब डॉलर वाली सेल्फ-ड्राइविंग इंडस्ट्री की रफ्तार पर सीधा ब्रेक लगा दिया है।
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सेल्फ ड्राइविंग कार - फोटो : एआई
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विस्तार
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चीन ने फिलहाल बिना ड्राइवर वाली ऑटोनॉमस कारों के लिए नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह कड़ा फैसला पिछले महीने वुहान शहर में हुई एक बड़ी घटना के बाद लिया गया है। इस घटना में Baidu (बायडू) कंपनी की 'अपोलो गो' रोबोटैक्सी ने अचानक बीच सड़क पर काम करना बंद कर दिया था। इस घटना की वजह से कई यात्री बीच रास्ते में फंस गए और शहर में भारी ट्रैफिक जाम लग गया था।

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वुहान में आखिर हुआ क्या था?

चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 मार्च को वुहान की सड़कों पर 100 से ज्यादा 'अपोलो गो' रोबोटैक्सी अचानक रुक गईं। स्थानीय पुलिस का मानना है कि यह किसी 'सिस्टम फॉल्ट' की वजह से हुआ, हालांकि कंपनी की तरफ से अभी इस खराबी का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इस घटना के बाद से वुहान में बायडू की रोबोटैक्सी सेवाओं को जांच पूरी होने तक के लिए रोक दिया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अपोलो गो चीन की सबसे बड़ी रोबोटैक्सी सर्विस है।


सरकार ने दिए सेफ्टी रिव्यू के आदेश

इस घटना ने चीनी प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। इसी महीने उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MIIT) सहित तीन प्रमुख सरकारी एजेंसियों ने एक अहम बैठक की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने स्थानीय सरकारों से कहा है कि वे अपने स्तर पर पूरी जांच करें और सुरक्षा निगरानी बढ़ाएं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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कंपनियों पर क्या होगा असर?

इस रोक का सीधा मतलब यह है कि अब सेल्फ-ड्राइविंग कंपनियां न तो अपनी फ्लीट में नई रोबोटैक्सी जोड़ सकती हैं, न कोई नया टेस्ट शुरू कर सकती हैं और न ही किसी नए शहर में अपनी सेवाएं दे सकती हैं। यह रोक कब तक जारी रहेगी, अभी यह साफ नहीं है। शेयर बाजार पर भी इसका नकारात्मक असर दिखा है। बुधवार को हांगकांग में बायडू के शेयर लगभग 3.9% गिर गए। वहीं, इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों 'पोनी एआई' और 'वीराइड' के शेयरों में भी करीब 2% की गिरावट आई है।
 

12 अरब डॉलर की इंडस्ट्री को लगा झटका

यह रोक इस तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक बड़ा झटका है। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2030 तक यह ऑटोनॉमस ड्राइविंग इंडस्ट्री 83.1 अरब युआन (करीब 12.2 अरब डॉलर) की हो सकती है। चीनी कंपनियां इस तकनीक को ग्लोबल मार्केट में ले जाने की रेस में सबसे आगे हैं और अमेरिका की Waymo (अल्फाबेट/गूगल की कंपनी) को कड़ी टक्कर दे रही हैं।


बाकी कंपनियों का क्या हाल है?

Pony AI ने साफ किया है कि बीजिंग, शंघाई, गुआंगझोउ और शेनझेन में उनकी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। WeRide ने भी कहा है कि उनकी सेवाएं चीन में पहले की तरह चालू हैं और वे सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के सरकारी प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं।


नौकरियों जाने का डर और 'लेवल 4' ऑटोनॉमी

ये लाइसेंस मुख्य रूप से 'लेवल 4' की ऑटोनॉमस कारों के लिए दिए जाते हैं। इनमें इंसान को गाड़ी चलाने या स्टीयरिंग कंट्रोल करने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। चीन सरकार इस समय एक मुश्किल संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। एक तरफ उसे अमेरिका से 'एआई रेस' जीतनी है तो दूसरी तरफ जनता की सुरक्षा और एआई की वजह से टैक्सी ड्राइवरों की नौकरियां जाने के डर को भी संभालना है।

याद दिला दें कि दो साल पहले भी वुहान के लोगों ने रोबोटैक्सी के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया था। जनता के गुस्से को शांत करने के लिए, नियामकों ने 2024 के अंत में भी कई महीनों के लिए मंजूरी रोक दी थी, जो 2025 की शुरुआत में जाकर फिर से शुरू हुई थी। फिलहाल, इस सेक्टर की कंपनियां मुनाफे में नहीं हैं और उन्हें नई तकनीक विकसित करने के लिए भारी निवेश की जरूरत है।

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