कैसे हुई चोरी की शुरुआत
यह पूरी घटना 28 फरवरी को शुरू हुई, जब ईवान वैलेंटाइन सुबह उठे तो पाया कि उनकी 2016 मॉडल की होंडा सिविक गायब है। उन्होंने तुरंत पुलिस और अपनी इंश्योरेंस कंपनी को इसकी सूचना दी और फिर एक नई कार की तलाश शुरू कर दी।
मीडिया से बात करते हुए वैलेंटाइन ने कहा, "यह मेरी मिड-लाइफ क्राइसिस वाली कार थी। ऐसी कारें अक्सर नहीं मिलतीं, इसलिए मैं इसे जल्द से जल्द रिप्लेस करना चाहता था, इससे पहले कि मुझे कोई फैमिली कार लेनी पड़े।"
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नई कार की तलाश में मिली अपनी ही कार
करीब 70 मील दूर, एक गैराज में उन्हें एक ऐसी कार मिली, जो रंग, मॉडल और यहां तक कि थोड़े हटके साउंडिंग एग्जॉस्ट सिस्टम जैसी हर चीज में उनकी पुरानी कार की तरह थी। उन्होंने सोचा कि यह उनके लिए बिल्कुल परफेक्ट है और बिना ज्यादा देर किए कार खरीद ली।
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शक की सूई घूमी
कार घर लाने के बाद धीरे-धीरे कुछ अजीब बातें वैलेंटाइन को खटकने लगीं। उन्होंने बताया, "कार के अंदर मुझे एक टेंट पिन, कुछ क्रिसमस ट्री के पत्ते और मार्स चॉकलेट बार के रैपर जैसी चीजें मिलीं... जो कुछ-कुछ उन्हीं चीजों जैसी थीं, जो मेरी चोरी हुई कार में भी थीं।"
लेकिन असली झटका तब लगा जब कार के बिल्ट-इन नेविगेशन सिस्टम में उनके और उनके माता-पिता के पुराने पते (एड्रेस) सेव मिले। वैलेंटाइन ने कहा, "मैं तो लगभग कार क्रैश कर बैठा था। मेरे हाथ कांप रहे थे, दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।"
उन्होंने आगे कहा, "एक पल को मुझे लगा कि मैंने अपनी कार को वापस हासिल कर लिया, लेकिन फिर एहसास हुआ कि नहीं, मैंने गलती से अपनी ही कार को खरीद लिया है।"
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पुलिस ने दी चोरी की पुष्टि
इसके बाद वैलेंटाइन कार को लेकर सोलिहल स्थित होंडा गैराज पहुंचे, जहां तकनीशियनों ने तुरंत पुष्टि कर दी कि यह वही चोरी हुई कार है। वैलेंटाइन ने बताया, "होंडा के टेक्नीशियन ने ओरिजिनल स्मार्ट चाबी से फिजिकल चाबी निकाली, कार का दरवाजा खोला और बोला, 'हां, यह तुम्हारी ही कार है।'"
जांच में पता चला कि गाड़ी के व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) और बाकी पहचान चिन्हों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस का मानना है कि इस कार को किसी ऑर्डर पर प्रोफेशनल चोरों ने चुराया था। वैलेंटाइन ने बताया, "पुलिस और होंडा गैराज वालों ने कहा कि उन्होंने इससे बेहतर कार क्लोनिंग पहले कभी नहीं देखी थी।"
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