फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nomura Report: भारत का मीडियम-हेवी ट्रक सेक्टर अपसाइकल में, FY27 तक डबल डिजिट ग्रोथ की संभावना

Thu, 25 Dec 2025 03:39 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Truck Industry Growth: भारत का मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल सेक्टर नए अपसाइकल में प्रवेश कर चुका है। फाइनेंसियल  ईयर 26 में इसका आठ प्रतिशत और फाइनेंशियल ईयर 27 में दस प्रतिशत ग्रोथ होने का अनुमान है।
 
Register For Event
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत का मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) सेक्टर अब अगले ग्रोथ साइकल में प्रवेश कर चुका है। यह रफ्तार कई साल की सुस्त परफॉर्मेंस के बाद देखने को मिल रही है। नोमुरा की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा रिकवरी अभी शुरुआती चरण में हैं, क्योंकि इंडस्ट्री वॉल्यूम अब भी एफवाई 19 के पीक लेवल से नीचे है। यानी आगे की तेज ग्रोथ की गुंजाइश बनी है।

विज्ञापन


नोमुरा के माने तो इस अपसाइकल को कई मजबूत फैक्टर्स सपोर्ट कर रहे हैं। फ्रेट रेट्स में बढ़ोतरी से फ्लीट ऑपरेटर्स की कमाई बढ़ी है और जीएसटी के कारण लागत में कमी आई है, जिससे ट्रक खरीदना आसान हुआ। ट्रकों की औसत उम्र 10 साल के करीब है, जिससे रिप्लेसमेंट डिमांड तेज भी तेज हो गई है। मजबूत इकोनॉमी और कम ब्याज दरें एफवाई 27 में ग्रोथ को और मजबूत कर सकती हैं।

ये भी पढ़े: Red Highway: मध्य प्रदेश में शुरू हुआ देश का पहला रेड हाईवे, अब स्पीड कंट्रोल और वाइल्डलाइफ सेफ्टी एक साथ

 ट्रैक्टर-ट्रेलर और फ्रेट ट्रेंड

एफवाई 21 में जहां ट्रैक्टर-ट्रेलर का शेयर 9 प्रतिशत था, वहीं एफवाई25 तक  बढ़कर 22% हो गया है। हालांकि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) लगभग पूरी तरह ऑपरेशनल हैं, लेकिन रोड-बेस्ड एमएससीवी डिमांड पर इनका असर सीमित माना जा रहा है।

विज्ञापन


डीएफसी की वजह से कुछ बल्क कार्गो रेल की ओर शिफ्ट हो सकता है, जिससे कुछ सब-सेगमेंट में नॉर्मलाइजेशन देखने को मिल सकता है। हालांकि कुल फ्रेट मार्केट बड़ा और डाइवर्सिफाइड होने के कारण एमएससीवी डिमांड पर बड़ा असर नहीं पड़ने की उम्मीद है।

ये भी पढ़े: Zero Visibility: जीरो विजिबिलिटी में कैसे बचेगी जान? क्या आपको पता है इन लाइफ-सेविंग कार गैजेट्स के बारे में?
विज्ञापन


इसमें किसका फायदा?

नोमुरा ने टाटा मोटर्स सीवी को बाय रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 481 रखा है। इसमें करीब 22 प्रतिशत अपसाइड दिखता है। टाटा मोटर्स का एमएससीवी में 46 प्रतिशत मार्केट शेयर रहा है और अशोक लेलैंड का 31 प्रतिशत के लगभग, जोकि बड़ा बेनिफिशियरी  माना गया है। नोमुरा के अनुसार, बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी और वॉल्यूम रिकवरी से आने वाले वर्षों में सीवी सेक्टर में सस्टेन्ड ग्रोथ देखने को मिल सकती है। अगर इकोनॉमिक ग्रोथ तेज रही, तो एफवाई27 में आंकड़े उम्मीद से भी बेहतर हो सकते हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें