ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सभी नौ ग्रहों में विशेष दर्जा प्राप्त है। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, धर्म , धन, भाग्य, संतान और विस्तार आदि का कारक ग्रह माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति इस समय अतिचारी होकर अपनी उच्च राशि कर्क में अस्त अवस्था में है। गुरु समय-समय पर अस्त और उदय होते रहते हैं। आपको बता दें कि गुरु 15 जुलाई से कर्क राशि में अस्त अवस्था में हैं और अब ये उदय होने वाले हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त को सुबह 5 बजकर 03 मिनट पर अपनी उच्च राशि में उदित हो जाएंगे। गुरु के उदय होने से कुछ राशि वालों के जीवन में शुभ और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।